बौद्धायन सोसाइटी एवं उ.प्र. संस्कृत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पं वासुदेव द्विवेदी स्मृति गानमाला कार्यशाला का संपूर्ति समारोह पूरी दिव्यता के साथ संपन्न हुआ।
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15 दिवसीय " पं.वासुदेव द्विवेदी स्मृति गानमाला " प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन ।
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् ,लखनऊ और बौद्धायन सोसाइटी , वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 17 फरवरी 2026 से 5 मार्च 2026 तक पंद्रह दिवसीय " पं. वासुदेव द्विवेदी स्मृति गानमाला " प्रशिक्षण कार्यशाला का आज 6 मार्च को पाणिनि कन्या महाविद्यालय , महमूरगंज में समापन हुआ। जिसमें सार्वभौम संस्कृत संस्थान, वाराणसी के संस्थापक, संस्कृत के लिये जीवन समर्पित करने वाले आचार्यवरेण्य पं.वासुदेव द्विवेदी जी के संस्कृत गीतों का सैद्धांतिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया ।
👉अध्यक्ष प्रो.ब्रजभूषण ओझा, आचार्य, व्याकरण विभाग, संस्कृतविद्या धर्म विज्ञान संकाय, का.हि.वि.वि. रहे।
👉मुख्य अतिथि प्रो.कमलेश झा,प्राचार्य पद्मावती तारा योगतंत्र आदर्श संस्कृत महाविद्यालय रहे,
👉विशिष्ट अतिथि डाॅ रत्नेश वर्मा,संस्थापक सचिव सुबह-ए-बनारस रहे,
दीप प्रज्वलन के साथ पाणिनि कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा मंगलाचरण ,स्वागत गान से कार्यक्रम आरम्भ हुआ।
👉स्वागत उद्बोधन बौद्धायन सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो.श्रद्धानंद जी ने किया।
👉संस्था की सचिव और संयोजक डाॅ मञ्जरी पाण्डेय ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
👉सार्वभौम परिवार के विद्वान् आचार्यों गुरु जी के शिष्यों प्रो. शैलेष तिवारी, डाॅ कमला पाण्डेय को सम्मानित किया गया।
👉15 दिनों मे सीखे गए गुरू जी के गीतों की आकर्षक प्रस्तुति प्रशिक्षु छात्राओं द्वारा की गई, जिसमें संस्कृत गीतों मे राष्ट्रीय एकता, सद्भावना, सैन्य संगीत,कजरी,पूर्वी आदि सभी भाव के गीतों का समावेश था।जिसे कुशल प्रशिक्षिकाओं प्रो. स्वरवंदना शर्मा जी तथा प्रख्यात लोकप्रिय गायिका सुचरिता गुप्ता जी ने सिखाया। हारमोनियम पर मनोहर कृष्ण श्रीवास्तव, तबले पर सन्नी गुप्त, ऑर्गन पर आलोक पाण्डेय तथा तबले पर सुहानी श्रीवास्तव संगतकार रहे।
👉विद्यालय की 24 बच्चियों ने विधिवत् प्रशिक्षण प्राप्त किया जिन्हे प्रमाणपत्र वितरित किया गया।
👉धन्यवाद ज्ञापन पाणिनि विद्यालय की प्राचार्या नन्दिता शास्त्री ने दिया।
👉इस अवसर पर संस्कृत विद्वानों संस्कृत प्रेमियों, संस्था के पदाधिकारियों, गणमान्य जनों की उपस्थिति रही। जिनमें प्रमुख रहे डाॅ शरदिन्दु कुमार तिवारी संस्कृत विभाग कला संकाय, समन्वयक भारत अध्ययन कला केन्द्र ,प्रो. शैलेष तिवारी,डाॅ कमला पाण्डेय, डाॅ लता पाण्डेय,नवल किशोर गुप्त योगेन्द्र सिन्हा सुनील, गौतम अरोड़ा ,जया टण्डन आदि।